श्री कृष्णा द्वारा वर्णित ध्यान विधि और भक्ति योग की महिमा
श्रीमद भागवत – एकादश स्कन्ध – चौदहवाँ अध्याय उद्धव जी ने पुछा – श्रीकृष्ण ! ब्रम्हवादी परमात्मा आत्मकल्याण के लिए अनेको साधन बतलाते हे । उनमे दृष्टि के अनुसार सभी श्रेष्ठ है अथवा किसी एक की प्रधानता है? मेरे स्वामी ! आपने तो अभी अभी भक्तियोग को ही निरपेक्ष एवं स्वन्त्र साधन बतलाया हे क्योकि इसी से
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